50-50 हजार रुपये का अर्थदंड, दो आरोपी की मृत्यु हुई,एक अन्य बरी
आजमगढ़: ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के मुकदमे में दो आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला दीदारगंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 10 सितंबर 2017 को फूलपुर थाना क्षेत्र के भेड़ियाचक उल्लापुर निवासी राम अवध यादव पुत्र स्व. चौथी यादव ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पौत्र ऋषिकांत को रात करीब 10 बजे घर से बुलाकर ले जाया गया और लाठी-डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर दीदारगंज थाने में दिनेश यादव पुत्र रामदेव यादव, लालमन यादव पुत्र स्व. मुरली यादव, रामलोचन यादव पुत्र अक्षयबर यादव और रामदेव यादव पुत्र अक्षयबर यादव, निवासी डिघिया, थाना दीदारगंज, के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 233/2017 में धारा 302, 34 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 11 गवाहों को परीक्षित कराया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर बुधवार को ईसी कोर्ट आजमगढ़ ने दिनेश यादव और लालमन यादव को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, मुकदमे में नामजद रामलोचन यादव की मृत्यु हो चुकी है, जबकि रामदेव यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
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