तहबरपुर और बिलरियागंज पुलिस की कार्रवाई, अमेठी के वांछित समेत तीन आरोपी भेजे गए जेल
आजमगढ़: जनपद में संगठित गो-तस्करी और अवैध गोवध करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तहबरपुर और बिलरियागंज थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए गिरोह के सक्रिय सदस्यों को दबोचा है। तहबरपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गोवंश से लदे ट्रक की बरामदगी के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त आविद पुत्र आसिक अली निवासी ग्राम तेतारपुर, थाना बाजार शुक्ल, जनपद अमेठी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल 2025 को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 225.5 पर एक ट्रक से 20 जीवित गोवंश बरामद किए गए थे। इस मामले में रोहित यादव पुत्र लाल बहादुर यादव निवासी ग्राम कोहड़ा, थाना शाहगंज, जनपद जौनपुर, आविद पुत्र आसिक अली निवासी ग्राम तेतारपुर, थाना बाजार शुक्ल, जनपद अमेठी तथा विवेचना के दौरान प्रकाश में आए अखिलेश कुमार पुत्र सुदामा निवासी ग्राम ताहिरपुर, थाना करौंदीकला, जनपद सुल्तानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह आर्थिक लाभ के लिए संगठित रूप से गो-तस्करी की घटनाओं को अंजाम देता था। इसके बाद गैंग चार्ट तैयार कर जिलाधिकारी की स्वीकृति मिलने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत उपनिरीक्षक मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने पुलिस टीम के साथ बनहरा पुलिया के पास से आविद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं बिलरियागंज थाना पुलिस ने वर्ष 2024 में नसीरपुर गांव में बड़े पैमाने पर अवैध गोवध और मांस बिक्री की तैयारी का भंडाफोड़ करने वाले मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। 14 जून 2024 को पुलिस ने नसीरपुर स्थित एक हाता पर छापेमारी कर 32 प्रतिबंधित पशु, पांच चापड़, दो छुरी तथा अन्य उपकरण बरामद किए थे। इस मामले में परवेज पुत्र अब्दुल हमीद निवासी नसीरपुर सहित 17 लोगों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार गिरोह की गतिविधियां जिला स्तर तक फैली हुई थीं और उसके भय के कारण लोग शिकायत या गवाही देने से भी कतराते थे। जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद गिरोह के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसी क्रम में थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्र ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए तौशीफ अहमद पुत्र परवेज अहमद निवासी नसीरपुर, थाना बिलरियागंज तथा अली असगर पुत्र हसन रजा उर्फ झिनकू निवासी नसीरपुर, थाना बिलरियागंज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गो-तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा ऐसे अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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