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आजमगढ़: मुठभेड़ में गोकशी गिरोह के 3 बदमाशों को लगी गोली, 4 गिरफ्तार


मेहनाजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध असलहा व गोकशी के उपकरण बरामद

आजमगढ़ : जनपद के थाना मेहनाजपुर क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोकशी में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश कुमार पाण्डेय के पर्यवेक्षण में 01/02 अप्रैल की रात करीब 02:20 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग व गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पूर्व में ग्राम झिन्झपुर सरैया में गोकशी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधी पुनः वारदात की फिराक में मानिकपुर सिवान की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश नहीं माने। इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें तीन बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लगी और एक को मौके से दबोच लिया गया। गिरफ्तार/घायल अभियुक्त मोहित उर्फ मोहीद उर्फ मुफीद (22 वर्ष), निवासी जौनपुर – घायल, अमन गोड़ (22 वर्ष), निवासी आजमगढ़ – घायल ,एकलाख उर्फ पतरका (24 वर्ष), निवासी आजमगढ़ – घायल (हिस्ट्रीशीटर/गैंगस्टर) और
मोबिन उर्फ कलाम उर्फ गागा (40 वर्ष), निवासी आजमगढ़ – गिरफ्तार हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मौके से 02 अवैध तमंचा (.315 बोर), 02 जिंदा कारतूस, 02 खोखा कारतूस, 02 चापड़, 01 छुरी व 01 रस्सी बरामद की है । पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करते थे और मांस की बिक्री करते थे। अवशेषों को नदी-नालों या खेतों में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते थे। पुलिस से बचने के लिए वे लगातार स्थान बदलते रहते थे। मामले में थाना मेहनाजपुर पर मु0अ0सं0 23/26 धारा 109 बीएनएस व 3/25/27/4/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुख्य आरोपी एकलाख उर्फ पतरका पर गोवध अधिनियम व गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। अन्य अभियुक्तों पर भी पूर्व में गोकशी से संबंधित मामले दर्ज पाए गए हैं। इस सफल मुठभेड़ में थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक दीपक कुमार, ओमप्रकाश कन्नौजिया, विक्रांत मिश्रा समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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