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आजमगढ़: बंटवारे से प्रभावित हुए 45 पंजाबी व सिंधी परिवारों का दर्द करेंगे साझा


निकलेगा मौन जुलूस, कलेक्ट्रेट में लगेगी विभाजन पर प्रदर्शनी

शरणार्थी बन आए लोगों के परिजनों से मिलेंगे मंत्री ए के शर्मा

आजमगढ़ : देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। देश के लाखों लोगों के बलिदान से आजादी मिली थी। ऐसे समय पर देश को दो टुकड़ों में बंट जाने का दर्द आज भी लाखों परिवारों के लोगों के दिलों में गहरे जख्म की तरह घर कर गया है।
शहर में 25 पंजाबी व 20 सिंधी परिवार भी शामिल हैं जिनके पूर्वजों ने बंटवारे में अपना सबकुछ खो दिया था। उसके बाद जिले में शरणार्थी के रूप में आए और बस गए थे। इन्हें आजादी का अमृत महोत्सव की श्रृंखला में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को शाम पांच बजे आयोजित होने वाले ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। भेदभाव, वैमनस्य एवं दुर्भावना को खत्म करने की याद दिलाने और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की प्रेरणा देने वाले स्मृति दिवस का नेतृत्व ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा करेंगे। 14 अगस्त को प्रातः 10 बजे विभाजन विभिषिक दिवस से सम्बन्धित प्रर्दशनी कलेक्ट्रेट के बेसमेण्ट में लगायी जायेगी, जो 14 एव 15 अगस्त तक आम जनमानस के लिए 10 बजे से सांय 5 बजे तक चलेगी। नगर विकास एवं ऊर्जा द्वारा भारत-पाकिस्तान बटवारें के समय जो व्यक्ति जनपद में आये है, उनसे मुलाकात की जायेगी तथा उनके बटवारा के दर्द का अनुभव साझा किया जायेगा। तिरंगा तिरहा नरौली से निकलने वाले मौन जुलूस गिरजाघर चौराहा, कलेक्ट्रेट होते हुए राजकीय बालिका इंटर कालेज में समाप्त होगा।
एसडीएम सदर जलराजन चौधरी ने बताया कि
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन सिंधी व पंजाबी परिवारों को आमंत्रित किया गया है जिनके पूर्वज बंटवारे के समय अपना सब कुछ गंवा कर जिले में शरणार्थी के रूप में बस गए थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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