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आजमगढ़: 120 माइक्रॉन तक मोटे प्लास्टिक बैग सिंगल यूज प्लास्टिक माना जायेगा


ग्राम पंचायतों को सिंगल यूज पॉलिथीन से मुक्त कराना है - डीपीआरओ

आजमगढ़ 04 जुलाई-- जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 1 जुलाई 2022 से सिंगल युज प्लास्टिक की वस्तु की खरीद, बिक्री, मैनूफैक्चरिंग रोक का आदेश निर्गत किया गया है। साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा यह भी आदेश निर्गत किया गया है कि यदि प्लास्टिक बैग की मोटाई 120 माइक्रॉन तक है तो यह सिंगल यूज प्लास्टिक के रूप में माना जायेगा। इसके अर्न्तगत प्लास्टिक स्टिक, गुब्बारे के लिए, प्लास्टिक सजावट के लिए polystanine tharmacole झण्डे व कैंडी की प्लास्टिक की स्टीक, चम्मच, ग्लास व कैरी बैग व अन्य सामग्री आते है। नाली, तालाबों, नदियों व समुन्द्रों में प्लास्टिक से बढ़ती मात्रा से जल प्रदूषण के साथ-साथ जलीय जीवो को नुकसान हो रहा है।
उन्होने कहा कि प्लास्टिक बैन में ग्रा0पं0 की भूमिका महत्वपूर्ण है, जनता के सहयोग के बिना प्लास्टिक बैन सफल नही हो पायेगी। साथ ही प्लास्टिक की वस्तु जिसको डिस्पोजल या रिसाइकिल से एक काम के लिए एक ही बार युज किया जाना है, ये सिंगलयूज वाली प्लास्टिक वस्तु को कचरे/डिस्पोजल के लिए ग्रा0 पंचायत को व्यवस्था बनानी होगी। उन्होने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि अनुच्छेद 243 थ के अनुसार 50 माइक्रोन से कम घनत्व के प्लास्टिक कैरी बैगों, जिनके विनिर्माता का नाम और रजिस्ट्रीकर संख्या न हो, के उपयोग, विनिर्माण, विक्रय, वितरण, भण्डारण, परिवहन, आयात या निर्यात को इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से प्रतिषिद्ध करते है। अनुच्छेद 243 थ के अनसार क्षेत्रों में प्लास्टिक या थर्मोकोल से निर्मित एक बार उपयोग के पश्चात् निस्तारण योग्य कपों, गिलासों, प्लेटों, चम्मचों, टंबलरों के उपयोग, विनिर्माण, विक्रय, वितरण, भण्डारण, परिवहन, आयात निर्यात को दिनांक 15 अगस्त 2018 के प्रतिषिद्ध किया गया। क्षेत्रों में समस्त प्रकार के निस्तारण योग्य प्लास्टिक कैरी बैगों के उपयोग विनिर्माण, विक्रय, वितरण, भण्डारण, परिवहन, आयात या निर्यात को दिनांक 02 अक्टूबर 2018 से प्रतिषिद्ध किया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने समस्त सहायक विकास अधिकारी (पं0) को निर्देश दिये कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज -2 के अर्न्तगत ग्राम पंचायत/सामुदायिक परिसर को स्वच्छ बनाने हेतु प्लास्टिक बिक्री दुकानदारों से संवाद कर सिंगलयूज प्लास्टिक को एकत्रित करना है। आम जनता को जागरूकता रैली के माध्यम से कपडे़/ जूट/कागज की थैली के लिए प्रोत्साहित करना है। ग्रामीण बाजारों मे व ग्राम पंचायतो में अन्य तत्व विखरे हुए सिंगल यूज प्लास्टिक को एकत्रित करना है। प्लास्टिक/पॉलिथिन के पैकेट से आने वाले वस्तु के प्रयोग उपरान्त पॉलिथिन को एक निर्धारित स्थल (पॉलिथिन बैंक) में जमा करना है। ग्राम पंचायत में बैठक कर पॉलिथिन मुक्ति के लिए प्रस्ताव पारित कर आम जनता को मुनादी कर सूचित करें।
उपरोक्त गतिविधियों को संचालित करने के लिए ग्रा0पं0 बाजारों में सफाई कर्मियों की टोली लगाकर पॉलिथिन को एकत्रित कर बोरे मे भरना व ग्राम पंचायत स्तर/न्याय पंचायत स्तर के किसी अप्रयुक्त शासकीय भवन के परिसर में इकट्ठा करना है। दो बजे अपराह्न के बाद सम्बन्धित ग्राम पंचायत के प्रधान के नेतृत्व में सचिव, न्याय पंचायत के सभी सफाईकर्मी, पंचायत सहायक व स्थानीय जन प्रतिनिधि, छात्रों व पर्यावरण प्रेमी के साथ रैली निकालना तत्पश्चात् गोष्ठी करें। प्रत्येक मजरे में न्यूनतम एक प्लास्टिक बैंक सड़क के किनारे स्थापित करें। पॉलिथीन प्रतिबद्ध व सिंगल प्लास्टिक यूज के सम्बन्ध में दिवार लेखन करायें। प्रति दिवस सफाई कर्मी द्वारा एकत्रित किये गये पॉलिथीन की मात्रा कि0ग्रा0 में विकास खण्ड पर सूचित करेंगें व विकास खण्ड द्वारा जनपद पर सूचित किया जायेगा। जागरूकता रैली व संवाद का फोटो ग्राफी ग्राम पंचायत स्तर पर एलबम में सुरक्षित रखा जायें। इस कार्य का व्यय ग्राम पंचायत से उपलब्ध टाइड फण्ड से किया जायेगा।
उपरोक्त निर्देशों का पालन करते हुए ग्राम पंचायत सिंगल यूज पॉलिथीन से मुक्त करना सुनिश्चित करें।

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