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आज़मगढ़: बायोमैट्रिक क्लोन कर बैंक खातों से लाखों उड़ाने वाला गिरफ्तार


ग्राहक सेवा केंद्र की आड़ में अब तक 20 लाख रुपये उड़ाए थे 

साइबर थाना पुलिस ने मेहनाजपुर से पकड़ा, लैपटाप,क्लोन फिंगर प्रिन्ट व उपकरण बरामद

आजमगढ़ : ग्राहक सेवा केंद्र की आड़ में लोगों का बायोमैट्रिक क्लानिंग के जरिए बैंक के खाते से रुपये उड़ाने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को साइबर थाने की पुलिस ने मेहनाजपुर तिराहा के समीप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से बने हुए क्लोन फिंगर प्रिन्ट एंव फिंगर प्रिन्ट बनाने के उपकरण आदि बरामद किये हैं। पकड़े गए उक्त अपराधी ने अब तक 165 लोगों का फिंगर प्रिंट तैयार कर उनके खाते से लगभग 20 लाख रुपये उड़ा लेने का जुर्म स्वीकार किया है।
मेहनाजपुर निवासी मोहम्मद गफ्फार खांन साइबर थाना आजमगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराए थे कि उनके बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के खाते से किसी अज्ञात अपराधी ने आधार कार्ड के माध्यम से फर्जी अंगूठा लगाकर दो लाख रुपये निकाल लिया है। साइबर थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल सिंह, सब इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह, आरक्षी मनीष कुमार ने साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह की मदद से शातिर साइबर अपराधी अहागीर शेख उर्फ़ आदिल पुत्र अली अब्बास को मेहनाजपुर तिराहा के समीप से बाइक से आते समय गिरफ्तार कर लिया। उक्त अपराधी ग्राम शिहुका अबीरपुर थाना मेहनाजपुर का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से एक लैपटाप, पालीमर कैमिकल (फिंगर प्रिंट तैयार करने हेतु), बायोमेट्रिक स्कैनर, बने हुए फिंगर क्लोन 209 अदद, फिंगर प्रिंट पैड, बटर पेपर, कांच प्लेट पॉलीमर, दो मोबाइल फ़ोन, आधार व पैन कार्ड बरामद किया।
पूछताछ के दौरान बताया अपराध करने का तरीका
गिरफ्तार साइबर अपराधी अहागीर शेख उर्फ़ आदिल ने बताया कि एक साल पहले ग्राहक सेवा केंद्र चलाता था। एक दिन उसके ग्राहक सेवा केंद्र पर राबर्ट्सगंज का रहने वाला अजीत सिंह आया, जो उसे फिंगर क्लोनिंग करना सिखाया । उसके बाद वह ग्राहक सेवा केंद्र पर आये हुए लोगों से उनके अंगूठे का निशान, आधार कार्ड एवं अन्य डिटेल ले लेते है। फिर उसी अंगूठे की निशान को बटर पेपर पर स्कैन कर लेते है। उसके बाद बटर पेपर को रबर पर रखकर थंब इम्प्रेशन मशीन के माध्यम से इम्प्रेश करते है। जिससे उस अंगूठे का निशान रबर या पॉलीमर पर आ जाता है और उस व्यक्ति के अंगूठे का क्लोन फिंगर प्रिंट तैयार हो जाता है। उसके बाद फर्जी AEPS बैंकिंग आईडी से क्लोन फिंगर प्रिंट के माध्यम से आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों से रुपये निकाल लेते हैं। इस तरह वह कई लोगो का फिंगरप्रिंट का क्लोन बनाकर बैंकिंग धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ कमाता हैं । उसके द्वारा अब तक 165 लोगों के साथ फ्रॉड कर करीब 15 से 20 लाख रूपये निकाले गये है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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