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आज़मगढ़: प्रयास संगठन ने युवा दिवस के रूप में मनाई स्वामी विवेकानंद जयंती


स्वामी विवेकानन्द के विचार हर युवा को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं- नगदू पांडेय

आजमगढ़: प्रयास सामाजिक संगठन द्वारा बुधवार को स्वामी विवेकानन्द की जयंती नीबीं में युवा दिवस के रूप में मनाई गई। लोगों ने स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को स्मरण करते हुए उस पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि नगदू पाण्डेय, समाजसेवी बालेश्वर, बिजेन्द्र सिंह, एसएन सिंह, अध्यक्ष रणजीत सिंह, सचिव ईजी. सुनील यादव ने स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने आये हुए अतिथियों का माल्यार्पण व अंगवस्त्रम भेंटकर स्वागत किया। महिमा तिवारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। जादूगर विनय सिंह ने अपने कलाओं से एक से बढ़कर एक हैरत अंगेज जादू पेश किया। इसके बाद गुड्डू राय, अरूण सिंह अन्तरी, विजय प्यारे, उमेश राठौर व आलम सांवरिया व राजेश रंजन ने विविध प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि रिटायर्ड डिप्टी जेलर नगदू पाण्डेय ने कहाकि स्वामी विवेकानन्द के विचार छात्र से लेकर हर युवा को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। स्वामी विवेकानन्द ने 25 वर्ष की आयु में संयास ले लिया। विश्व पटल पर भारत की संस्कृति सभ्यता को एक नई पहचान दिया, हमें इनसे सीख लेने की जरूरत है। उन्होने कहाकि आज प्रयास सामाजिक संगठन के 5 वर्ष पूरे हुए। अन्याय शोषण के खिलाफ आवाज उठाने और गरीबों, शोषितों के मदद करने का प्रयास का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पवन प्रकाश पाठक ने कहाकि विवेकानंद सन्यासी बन ईश्वर की खोज में निकले उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उन्होने पूरे विश्व को हिन्दुत्व और अध्यात्म का ज्ञान दिया। 11 सितम्बर 1893 में अमेरिका में धर्म संसद का आयोजन हुआ। जिसमें भारत की ओर से स्वामी जी शिकागो में हो रहे सार्क सम्मेलन में शामिल हुए। विवेकानन्द जी को संकल्प शक्ति, विचारों की ऊर्जा अध्यात्म और आत्म विश्वास का एक पावर हाउस भी कह सकते है। वेदों के ज्ञाता स्वामी जी ने न केवल भारत को अध्यात्मिक संस्कृति को देश दुनिया में एक नई पहचान दिलाई बल्कि लोगों को जीवन जीने का सही तरीका भी बताया।
प्रयास अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहाकि हमें स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि उन्होने गुलाम भारत को सम्बोधित करते हुए कहा था कि उठो जागो और तबतक नहीं रूका जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये। उन्होने कहाकि प्रयास सामाजिक संगठन आजमगढ़ के अलावा अन्य जिलों व प्रांतों में गरीब, शोषितों की सहायता के लिए खड़ा है।
सुप्रीम कोट के अधिवक्ता पवन प्रकाश पांडेय का दीवानी बार के अध्यक्ष दयाराम यादव, मंत्री राजेश सिंह पराशर, रणजीत सिंह, सुनील यादव, ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। अध्यक्षता सरंक्षक बालेश्वर सिंह व संचालन कमलेश विश्वकर्मा व आदित्य आजमी ने किया। इस मौके पर जरूरतमंदों में 100 कंबल का वितरण किया गया।
इस दौरान प्रवीण सिंह कांग्रेस जिलाध्यक्ष, रविशंकर सिंह, गोविंद दूबे, संजय पांडेय प्रेमी, प्रदीप मद्धेशिया, राणा बलबीर सिंह, डा. विरेन्द्र पाठक, डा. हरगोविंद विश्वकर्मा, महिमा तिवारी, प्रतिभा यादव, नीलम सिंह, प्रतिमा पांडेय, पुष्पा चौधरी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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