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आज़मगढ़: मनरेगा में फर्जीवाड़ा: प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक जांच में दोषी मिले


चकबंध निर्माण का फर्जी कार्य दिखाकर 1.45 लाख का भुगतान,आरसी जारी कर होगी वसूली

विकास खंड महराजगंज की ग्राम पंचायत रुद्रपुर का मामला

आजमगढ़: विकास खंड महराजगंज की ग्राम पंचायत रुद्रपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत चकबंध निर्माण कार्य पर फर्जी कार्य दिखाकर 1,45,860 रुपये सकारी धन के गबन की पुष्टि जांच में हुई है। जांच आख्या के आधार पर उप श्रमायुक्त श्रम रोजगार मिथिलेश तिवारी ने खंड विकास अधिकारी महराजगंज को वसूली और संबंधित के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। निर्देशित किया है कि दोषी पाए गए ग्राम प्रधान सुमन, ग्राम पंचायत सचिव प्रशांत यादव और तकनीकी सहायक खिरोधन के विरुद्ध नियमानुसार आरसी के माध्यम से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली के साथ ही मनरेगा अधिनियम के विपरीत शासकीय धनराशि के भुगतान पर दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराते हुए रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उप श्रमायुक्त श्रम रोजगार ने बताया कि ग्राम पंचायत रुद्रपुर के शिवप्रताप सिंह एवं महवी सिघवारा के सुनील कुमार सिंह के शिकायती पत्र पर सीडीओ ने नौ सितंबर जिला विकास अधिकारी और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित की गई थी। 16 नवंबर को प्रस्तुत जांच आख्या में पाया गया कि मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य के क्रियान्वयन में अधिनियम और निर्देशों के प्रावधानों का उल्लंघन कर चकबंध निर्माण कार्य पर 1,45,860 रुपये भुगतान कर गबन कर लिया गया है। इसलिए वित्तीय अनियमितता में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ वसूली और एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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