.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.
.

आज़मगढ़: वृद्धाश्रम पंहुच एसपी ट्रैफिक व वेदांता ग्रुप ने बुजुर्गों संग मनाई दीवाली 



पूरा देश एक परिवार,यह सामाजिक दायित्व है कि पर्व सभी के साथ मनाएं- सुधीर जायसवाल

पर्व पर बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलना सुखद है- विशाल जायसवाल

आजमगढ: दीपावली के अवसर पर पुलिस अधीक्षक यातायात सुधीर जायसवाल और वेदान्ता ग्रुप के डायरेक्टर ने वृद्धाश्रम पंहुच कर बुजुर्गों और वंचियो के साथ त्यौहार को मनाया। उन्होंने उनको मिठाई, फल और उपहार आदि देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी और आशीर्वाद बटोरा। निजामाबाद के बधौरा फरिहा स्थित वृद्वा आश्रम में दीपावाली के दिन दोपहर में पुलिस अधीक्षक यातायात सुधीर जायसवाल व वेदान्ता ग्रुप के डायरेक्ट विशाल जायसवल अपने दल के साथ पहुंचे। उन्होने वृद्वाआश्रम में बुजुर्गो को मिठाई, फल, दीपक आदि सामान भेंट कर दीपावली के त्योहार मनाया और उपस्थित बुजुर्गो का आर्शीवाद प्राप्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक याताताया सुधीर जायसवाल ने कहा कि पूरा देश एक परिवार है और त्योहार सभी के लिए होता है। यह हमारा सामाजिक दायित्व है कि त्योहार सभी से मिलजुल कर मनाया जाए। दीवाली का पर्व पर पुलिस विभाग और वेदांता हास्पिटल की तरफ से वृद्वाआश्रम में मिठाई, फुलझड़ी आदि का वितरण किया गया व वृद्वा आश्रम में उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनका आर्शीवाद प्राप्त किया गया। वही वेदांता ग्रुप के डायरेक्टर विशाल जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक यातायात की अगुवाई में वृद्वाआश्रम में पहुंचकर वृद्वजनों को पटाखे, मिठाई आदि का वितरण किया गया। उन्होने कहा कि दीपावली पर्व सबका है और वृद्वआश्रम में रह रहे लोग भी हमारे परिवार जैसे है। यह बहुत ही कष्टकारी है कि हमारे समाज मे वृद्ध माता पिता को इस तरह वृद्ध जन आश्रम में रहना पड़ता है। दीवाली के त्यौहार वह लोग भी अच्छे से मना सके इसलिए मिठाई, दीपक आदि का वितरण किया गया। ऐसा करके हमें पर्व मनाने की पूर्ण संतुष्टि मिलती है। वहीं वृद्धजनों ने भी दीपावली पर उनके आगमन की खूब प्रशंसा किया व आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर रित्विक जायसवाल, शेरू सिंह, विपुल सिंह, संजय राय, आदि उपस्थित रहे।

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment