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आज़मगढ़: समाधान दिवस में अनुपस्थित 17 अधिकारियों का एक दिन का वेतन कटा



कमिश्नर व डीआईजी अचानक पहुंचे तहसील निजामाबाद,सम्पूर्ण समाधान दिवस का निरीक्षण किया

आज़मगढ़ 8 नवम्बर -- मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त तथा डीआईजी अखिलेश कुमार ने सोमवार को तहसील निजामाबाद में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने कई फरियादियों की समस्यायें भी सुनीं, जिनका समयबद्ध रूप से निस्तारण करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया। ज्ञातव्य हो कि गत शनिवार को राजकीय अवकाश होने कारण शासन के निर्देशानुसार अगले कार्य दिवस अर्थात सोमवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। मण्डलायुक्त श्री पन्त के औचक निरीक्षण के समय सम्पूर्ण समाधान दिवस में 17 अधिकारी अनुपस्थित थे, जिसपर उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित सभी अधिकारियों को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। अनुपस्थित अधिकारियों में उप चिकित्साधिकारी तहबरपुर व मिर्जापुर, सहायक अभियन्ता जल निगम, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई, एबीएसए मिर्जापुर व रानी की सराय, खण्ड विकास अधिकारी रानी की सराय, तहबरपुर व मिर्जापुर, एसएचओ अहरौला व फूलपुर, एडीओ पंचायत रानी की सराय, मुहम्मदपुर व मिर्जापुर, सहायक अभियन्ता बाढ़, एडीओ एग्रीकल्चर रानी की सराय तथा मत्स्य प्रसार अधिकारी सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसके प्रति संजीदगी में कमी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मण्डलायुक्त श्री पन्त द्वारा आमजन की समस्याओं की सुनवाई के दौरान कुल 41 मामले आये जिसमें राजस्व के 27, पुलिस के 10 तथा शेष 4 मामले अन्य विभागों से सम्बन्धित थे। उन्होंने उपस्थित फरियादियों से उनकी समस्याओं को काफी गंभीरतापूर्वक सुना तथा नियत समय अवधि के अन्दर अनिवार्य रूप से निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने भूमि विवाद से सम्बन्धित कतिपय प्रकरणों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम को इस निर्देश के साथ मौके पर भेजा कि सायं तक निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया जाय। सुनवाई के डीआईजी अखिलेश कुमार ने पुलिस से सम्बन्धित मामलों को सुना तथा सम्बन्धित थाना प्रभारियों को निस्तारण के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने तहसील प्रांगण में स्थित पोखरे के चारो तरफ व्याप्त गन्दगी को देखकर नाराजगी व्यक्त की तथा तहसीलदार को निर्देशित किये कि तत्काल पोखरे के चारो तरफ साफ कराकर पोखरे को स्वच्छ किया जाय। उन्होंने विगत सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिये गये शिकायती पत्रों में से ग्राम मुरादाबाद में पोखरे की पैमाइश से सम्बन्धित शिकायत का निस्तारण आख्या मांगने पर सम्बन्धित कानूनगो श्री समौधी राम द्वारा प्रस्तुत निस्तारण आख्या अस्पष्ट थी जिस पर न तो शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर थे न ही नजरी नक्शा बनाया गया था। इस पर मण्डलायुक्त सख्त नाराजगी व्यक्त किया तथा सम्बन्धित कानूनगो के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने तथा स्वयं स्थलीय जाँच कर पैमाइश कराकर नजरी नक्शा बनाकर आख्या प्रस्तुत करने हेतु तहसीलदार को निर्देशित किया। शिकायत रजिस्टर का अवलोकन करने पर पाया गया कि शिकायतों की निस्तारण आख्या रजिस्टर में क्रमवार दर्ज नहीं किया गया है। कुछ शिकायतों का निस्तारण दर्ज था कहीं-कहीं नही दर्ज किया गया था। इससे विदित होता है कि शिकायत रजिस्टर को उपजिलाधिकारी/तहसीलदार द्वारा गम्भीरता से दर्ज नही कराया जाता है। सम्बन्धित राजस्व लिपिक श्री अखिलेश देव द्वारा शिकायत रजिस्टर को अद्यतन नहीं किये जाने, शिकायत निस्तारण की आख्या समयबद्ध दर्ज नहीं करने तथा शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का करने तथा उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। शिकायत रजिस्टर में दर्ज शिकायत जो ग्राम मुसलिमपट्टी में चकमार्ग की पैमाइश कराकर अवैध अतिक्रमण हटाये जाने के सम्बन्ध में थी, का निस्तारण न करके धारा 167 का मुकदमा कराये जाने पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त किया गया तथा निर्देशित किया कि उक्त शिकायत के निस्तारण हेतु लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करके अवैध अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। इसी प्रकार ग्राम रेवरापरवेजपुर के श्री नान्हू यादव द्वारा चकमार्ग पर अवैध कब्जा हटाये जाने, ग्राम भितरी में श्री राजीव कुमार पुत्र त्रिलोकी द्वारा पशुचर की भूमि से अवैध कब्जा हटाये जाने, ग्राम बसहीबन्देदासपुर ग्राम प्रधान सोनी यादव द्वारा पंचायत भवन निर्माण व ग्राम सभा की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाये जाने की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं इन मामलों की जाँच कर अवैध अतिक्रमण हटाये जाने हेतु कार्यवाही करके आख्या प्रस्तुत करें। शिकायती पत्रों का अवलोकन में पाया गया कि ग्रामपंचायत सहरिया में उचित दर विक्रेता की निलम्बित दुकान के सम्बन्ध में स्पष्ट निर्देश के उपरान्त भी पूर्ति निरीक्षक द्वारा फाइल को अपने स्तर पर एक माह से अधिक समय से लम्बित रखा गया है। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने इस स्थिति पर सख्त अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए ऐसी जितनी फाइलंे लम्बित हैं, उसका पूरा विवरण मंगलवार को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने हेतु पूर्ति निरीक्षक को निर्देशित किया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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