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आज़मगढ़: ऑर्बिटल डिजीज से निजात पा रमेश को आँख में रोशनी के साथ मिला नया जीवन


ट्यूमर के चलते आंख की रोशनी खो रहे थे रमेश, आँख भी आ गई थी बाहर

डॉ. अनूप सिंह यादव ने पूर्वांचल में पहली बार हुए इस जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया

आजमगढ़: गाजीपुर जिले के निवासी रमेश यादव (45) को उनकी आँख की रोशनी वापस प्रख्यात न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप सिंह यादव के प्रयास से वापस मिली। कई स्थानों और डॉक्टरों को दिखने के बाद डाक्टर अनूप तक पहुँचे रमेश को दिक्कत थी, की उनकी बायीं आँख बाहर की तरफ आ गई थी। साथ ही आंख की रोशनी भी जा रही थी। डाक्टर अनूप ने मरीज को देखने के बाद जांच कराई, इस दौरान पता चला कि रमेश यादव की बायी आँख के पीछे एक 3.5×2.5 cm का बड़ा ट्यूमर था, जो आंखों को बाहर की तरफ धकेल रहा था, साथ ही नसों पर दबाव होने से रोशनी जाने लगी थी। रोग का पता चलने पर उसका उपचार ऑपरेशन था, लेकिन चुनौती थी, ट्यूमर निकालने के दौरान नसों को बचाना, क्योकि यदि कोई नस डैमेज होती तो इसका सीधा असर रोशनी पर पड़ता। डाक्टर अनूप ने चुनौती को स्वीकार कर रमेश का ऑपरेशन 13 अगस्त को किया। करीब छह घंटे से अधिक समय तक चले ऑपरेशन के दौरान डॉ. अनूप ने सिर की हड्डी को काटकर और आंख के पीछे से जा कर ट्यूमर को निकाला जिससे नसों को बचाते हुए ऑपरेशन सफल हुआ। साथ ही आपरेशन इतनी सफाई से किया गया कि मरीज को देख कोई कह नही सकेगा कि उसके सिर की हड्डियों को खोल उसकी आँखों के पीछे कोई जटिल सर्जरी की गई है । आज रमेश की आँख तो बची ही साथ ही रोशनी भी वापस आ चुकी है। डा० अनूप ने बताया कि ऑर्बिटल ट्यूमर नामक इस बीमारी का पूर्वांचल में इस तरह का यह पहला सफल ऑपरेशन है । अभी तक इस तरह का ऑपरेशन दिल्ली, मुंबई के बड़े अस्पतालों में ही हुआ करता था । ऑपरेशन करने वाले चिकित्सको की टीम में डॉ. अनूप के साथ डॉ. आकाश डॉ. गायत्री एवं डॉ.आशीष शामिल थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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