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आज़मगढ़: पिता के बाद अब पुत्र भी संभालेंगे बीएसएफ की बागडोर


पैतृक गांव महुआपार में पंकज सिंह के बीएसएफ का डीजी बनने पर लोगों में खुशी का माहौल

पदम् श्री पिता प्रकाश सिंह भी रह चुके हैं बीएसएफ में डीजी व यूपी के डीजीपी

आजमगढ़: जिले के कई होनहार है जो देश व विदेश में सर्वाेच्च पद पर आसीन होकर जनपद का नाम रौशन कर रहे हैं। उन्हीं में से एक जिले के होनहार बेटे पंकज कुमार सिंह भी हैं। जो अपने पिता के नक़्शे कदम पर चलते हुए अब डीजी बनकर बीएसएफ की बागडौर संभालेंगे। पंकज के डीजी बनने की खबर से उनके पैतृक गांव मेहनाजपुर क्षेत्र के महुआपार गांव में लोगों में खुशी की लहर व्याप्त है। हो भी क्यों ना एक ही परिवार में पिता और पुत्र को पुलिस विभाग व बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के सबसे महत्वपूर्ण पद के पद से नवाजा गया है। आजमगढ़ जिले के महुआपार की गंवई मिट्टी से निकले प्रकाश सिंह आईपीएस के साथ-साथ यूपी के डीजीपी पद पर आसीन रहे। साथ ही बीएसएफ के भी डीजी बनाए गए थे,उन्हें पदम् श्री सम्मान भी मिल चुका है तो वही उनके भाई राजेंद्र सिंह हाईकोर्ट के जज के रूप में जाने जाते हैं। सबसे छोटे भाई रामेश्वर सिंह मेंबर आफ ट्रांसपोर्ट होकर रिटायर हुए। हालांकि गांव की मिट्टी और परिवेश से दूर पंकज कुमार सिंह की भले ही पिता की नौकरी के साथ और प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा लखनऊ और दिल्ली में हुई है, लेकिन इनका भी गांव से बेहद लगाव रहता है। आज उनके पैतृक घर पर इनके परिवार का तो रहने वाला कोई नहीं है। सारे लोग नोएडा और लखनऊ में है, लेकिन उनके परिवार के ही जगत सिंह जो केयर टेकर के रूप में है। उनका कहना है कि हम लोगों का सिर फक्र से ऊंचा होता है जब कोई हमारे गांव और हम लोगों के परिवार के लोगों के बारे में जानता है, चाहे वह डीजीपी साहब के नाते या जज साहब के नाते या अब हमारे भतीजे पंकज सिंह के नाते जाना जा रहा है। पिता और पुत्र दोनों का बेहद लगाव गांव से रहता है। हाल ही में इन लोगों ने एक संस्था के जरिए कूबा डिग्री कॉलेज में एक बड़े हाल का निर्माण भी करवाया था। यहां पर बच्चे और बच्चियां शिक्षा ग्रहण करते हैं। गांव के ही संजय सिंह का कहना है कि हमारे चाचा जी और उनके भाइयों ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वो आजमगढ़ जिला नहीं उत्तर प्रदेश में एक ही परिवार में उच्च पदों पर आसीन इतने लोगों को नहीं देखा है। गांव के लोगों के प्रति या उनकी समस्याओं के प्रति प्रकाश सिंह हमेशा मददगार रहते हैं और पंकज सिंह जी भी समय समय पर अपने सहयोग और योगदान से पीछे नहीं रहते हैं। आज भले ही उनके पैतृक घर पर कोई रहने वाला नहीं है, लेकिन यह घर और यहां की मिट्टी को इलाके के लिए एक सम्मान का प्रतीक माना जाता है। आज पंकज सिंह जी के डीजी बीएसएफ बनने की सूचना के बाद पूरे गांव में हर्ष व्याप्त है। लोगों को फख्र है कि इस परिवार ने इस गांव में जन्म लिया है और देश सेवा करके इस इलाके का भी नाम रोशन किया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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