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आज़मगढ़: एक्सप्रेस-वे निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष 100 फीसद उपलब्धि अनिवार्य - मण्डलायुक्त


कमिश्नर ने बड़े बजट की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

आजमगढ़: कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने बुधवार की देर शाम अपने कार्यालय के सभागार में निर्माण कार्यों की समीक्षा की। तीनों जिलों में 50 लाख रुपये से अधिक एवं 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा में उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या को निर्देश दिए।
उन्होंने कहाकि मंडल के जिलों में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और आजमगढ़ -गोरखपुर लिक-वे के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। जिसके लिए यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से पत्र व्यवहार किया जाए। जो समीक्षा बैठकों के साथ ही अन्य अवसरों पर अद्यतन स्थिति से अवगत कराते रहेंगे। बैठक में परियोजना प्रबंधक, आवास विकास परिषद अमेठी और उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम वाराणसी के यूनिट इंचार्ज अनुपस्थित रहे। इस पर उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने एवं उनके विभागाध्यक्ष को अवगत कराने के निर्देश दिए। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मऊ में माइल स्टोन पूर्ण नहीं किए जाने पर आवास विकास परिषद गाजीपुर के परियोजना प्रबंधक के संबंध में शासन को अवगत कराए जाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, उसका अनुपालन एक माह के अंदर अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बलिया में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में छात्रावास निर्माण के संबंध में कार्यदायी संस्था के अधिकारी ने अवगत कराया कि निर्माण स्थल पर वन विभाग का वृक्ष है। जिसका मूल्यांकन कर भुगतान की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। मंडलायुक्त ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, आजमगढ़-गोरखपुर लिक एक्सप्रेस-वे एवं लखनऊ-बलिया मार्ग एवं सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा में संबंधित विभागों को निर्देश दिए। यद्यपि के गत माह में निर्धारित मासिक लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि कम रही है। लेकिन सुनिश्चित किया जाए कि आगामी माह में पिछले गैप को पूर्ण करते हुए मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 100 फीसद उपलब्धि अनिवार्य रूप से हासिल कर ली जाए। मण्डलायुक्त ने परियोजनाओं के अनारम्भ रहने के कारणों का विश्लेषण कर कार्य शीघ्र प्रारम्भ करायें जाने के निर्देश दिए । गौरतलब है कि मंडल के जिलों में कुल 381 परियोजनाएं ऐसी हैं, जो 50 लाख रुपये या उससे अधिक लागत की हैं। जिसमें आजमगढ़ की 165, मऊ की 85 एवं बलिया की 131 परियोजनाएं शामिल हैं। आजमगढ़ में 25, मऊ में 35 एवं बलिया में 10 सहित कुल 70 परियोजनाएं अभी शुरू नहीं हो सकी हैं।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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