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कन्टेनमेन्ट जोन प्रोटोकॉल का हो पालन, होम आइसोलेटेड मरीज घूमते हुए नहीं मिलने चाहिए: मण्डलायुक्त

मण्डलायुक्त व डीआईजी ने किया कोविड-19 के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा

नये कैदियों को अस्थायी जेल में रखें तथा उनकी उसी दिन अनिवार्य रूप से कराई जाय टेस्टिंगः डीआईजी

आज़मगढ़ 29 जुलाई -- मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने निर्देश दिया है कि जनपद में कोरोनावायरस के पाजीटिव मरीजों के लगातार बढ़ रहे मामलों के दृष्टिगत घोषित कन्टेनमेन्ट जोन में प्रोटोकाल का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि होम आइसोलेशन में रखे गये मरीजों की निरन्तर निगरानी की जाय, किसी भी दशा में वह बाहर घूमते हुए नजर नहीं आने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के फैलाव और संक्रमण को नियन्त्रित करने हेतु पाजीटिव मरीजों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें तत्परता दिखाई जाय। प्रदेश के मुख्यमन्त्री जी द्वारा गत दिवस वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से दिये गये निर्देश के क्रम में मण्डलायुक्त श्री पन्त ने मंगलवार को देर सायं अपने कार्यालय के सभागार में कोविड-19 से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा के दौरान कहा कि जनपद में मेडिकल कालेज चक्रपानपुर जो एल-3 हास्पीटल के रूप में स्थापित है उसे अपग्रेड कर 300 बेड का किया जाना है। इस सम्बन्ध में उन्होने राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि जितने डाक्टर व अन्य स्टाफ सहित जो भी आवश्यकतायें हैं उसका पूरा विवरण तत्काल तैयार कर सम्बन्धित को डिमाण्ड भेज दें। प्रधानाचार्य ने बताया कि 300 बेड के लिए 71 डाक्टर्स की आवश्यकता होगी, फिलहाल 31 डाक्टर उपलब्ध हैं। मण्डलायुक्त ने कहा कि मा. मुख्यमन्त्री जी के निर्देशानुसार राजकीय मेडकल कालेज में आगामी 25 अगस्त तक टेस्टिंग लैब भी स्थापित किया जाना है। उन्होंने इसका भी विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी राजेश कुमार को निर्देश दिया कि इसकी अपने स्तर से मानीटरिंग करें। उन्होंने राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि लैब स्थापना हेतु मानक के अनुरूप भवन का चयन तत्काल कर लें तथा शासन स्तर से जिन मशीनों की आवश्यकता है उसकी सूची भी तैयार कर भेज दें। श्री पन्त ने एलटी (लैब टेक्नीशियन) के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार प्राइवेट सेक्टर से एलटी का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित कराते हुए उचित पारिश्रमिक पर रोस्टर के अनुसार उनकी सेवायें लेने हेतु अपने स्तर से कार्यवाही सुनिश्चित करायें। जनपद में एल-2 हास्पीटल की स्थापना के सम्बन्ध में जानकारी करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि एल-2 के लिए सीएचसी कोल्हूखोर का चयन किया गया है तथा शासन के निर्देशानुसार आक्सीजन सिलेण्डर, बेड सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थायें की जा रही है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि एल-2 के सभी डाक्टर्स को तत्काल टेªेनिंग दिलाई जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि वहाॅं तैनात कोई भी डाक्टर अप्रशिक्षत नहीं होना चाहिए।



मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने नाॅन कोविड अस्पतालों के सम्बन्ध में अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि सप्ताह में एक दो बार सभी सीएचसी एवं पीएचसी को अनिवार्य रूप से देख लें तथा वहाॅं पर सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क, सेनिटाजेशन आदि का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दूरस्थ क्षेत्रों से लागों को जिला चिकित्सालय तक आने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, इसलिए नाॅन कोविड अस्पतालों में ओपीडी निरन्तर चलनी चाहिए, किसी भी दशा में ओपीडी का संचालन प्रभावित नहीं होना चाहिए। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने पाजीटिव मरीजों के होम आइसोलेशन की स्थिति का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को होम आइसोलेशन में रखने की अनुमति तभी दी जाय जब उनके लिए अलग कमरा, अलग शौचालय, अलग बाथरूम हो। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि होम आइसोलेटेड मरीज किसी भी दशा में घूमते हुए नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि मा. मुख्यमन्त्री द्वारा दिये गये निर्देश के अनुपालन में प्रतिदिन होम आइसोलेशन में रखे गये मरीजों से फोन पर सम्पर्क भी किया जाय। इसके अतिरिक्त सभी पेशेंट को उनके लिए अलग से एक ऐप डाउनलोड करना है उसको भी अवश्य डाउनलोड कराया जाय। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया एल-1 हास्पीटल उचित स्थान पर हेल्पलाइन नम्बर अवश्य अंकित करायें जिससे मरीज को दिक्कत होने पर वह तत्काल अवगत करा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों हेतु जो एम्बुलेंस आरक्षित की गयी हैं उन सभी पर ‘‘कोविड-19 ओनली’’ (केवल कोविड-19 हेतु) का स्टीकर तत्काल लगवायें।



बैठक को सम्बोधित करते हुए डीआईजी सुभाष चन्द्र दूबे ने मण्डलीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को निर्देश दिया कि प्रतिदिन आने वाले नये कैदियों को अस्थायी जेल में रखा जाय तथा जिस दिन कैदी आयें उसी दिन अपरान्ह में उनकी सैम्पलिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाय। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि नये कैदियों के लिए बनाई गयी अस्थायी जेल में उन्हें 21 दिनों तक अवश्य रखें, तत्पश्चात स्थिति के अनुसार अग्रेतर कार्यवाही करें। डीआईजी श्री दूबे ने नये कैदियों की सैम्पलिंग के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि नये कैदियों की जाॅंच हेतु प्रतिदिन अपरान्ह में समय निर्धारित करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत स्थानीय राजकीय बालिका इण्टर कालेज में बनाये गये इन्टीग्रेटेड कमाण्ड सेन्टर के संचालन के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी।



बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रो.त्रिवेणी सिंह, अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नरेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जीपी गुप्ता, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.एनएल यादव, एसपी (ग्रामीण) सिद्धार्थ, एसपी (नगर) पंकज पाण्डेय, एसपी ट्रैफिक सुधीर जायसवाल, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज डा. आरपी शर्मा, वरिष्ठ अधीक्षक मण्डलीय कारागार राधाकृष्ण मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



--------जि0सू0का0 आज़मगढ़ द्वारा प्रसारित:ः दिनांक 29.07.2020------

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