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आज़मगढ़ : साहब , शराब की दुकाने खुल सकती हैं तो पावर के चश्मों की क्यों नहीं ?

काफी संख्या में लोगों को है चश्में की दुकाने खुलने का इंतजार, पावर वाला चश्मा लगाने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है  

आज़मगढ़ : शहर में लगभग 150 चश्में की दुकानें हैं लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से सभी दुकानों को बंद कर दिया गया जिससे चश्मा लगाने वाली जनता को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
इस व्यवसाय से जुड़े लोगों और उपयोगकर्ताओं ने बताया कि चश्मा लगाने वाले लोगों को काफी दिक्कत हो रही है किसी का चश्मा टूट गया किसी शीशा टूट गया सभी परेशान है और जल्द किसी तरह चश्मा ठीक करने के लिये फोन करते हैं। वहीं बड़ादेव पर स्थित प्रतिष्ठित फर्म चश्मा घर के प्रोपराइटर द्वारिकाधीश पांडेय ने कहा कि चश्में की दुकान बंद होने से जनता बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है किसी को कम दिखाई दे रहा है तो किसी को अपनी आँख टेस्ट कराकर चश्मा बनवाना है। किसी चश्मा टूट गया जिससे कारण चश्मा न लगाने की वजह से उसके सिर में दर्द हो रहा है और तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चश्मा फेयर के प्रोपराइटर सहजाद अहमद सिधारी ने बताया कि चश्मा की दुकान बंद होने अब हम लोगों को भी आर्थिक दिक्कत होने लगी है चश्मा दुकानदार छोटी पूंजी वाले है ज्यादा दिनों से दुकान बंद होने की वजह से अब परिवार पर आर्थिक संकट गहरा है। लोगों ने कहा कि शराब की दुकान खुल सकती है तो चश्में की दुकान क्यों नहीं खुल सकती जबकि शराब से ज्यादा जरूरी चश्मा है। मांग है कि सरकार चश्में की दुकान को जल्द से जल्द खोलने का आदेश जारी करे जिससे जनता की दिक्कतों का समाधान के साथ अपने परिवार का भी भरण पोषण कर सके।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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