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आज़मगढ़ : कमिशनर ने एडीओ पंचायत को निलम्बित न करने पर डीडी पंचायत को तलब किया

मण्डलायुक्त ने की तीनो जनपदों में स्वच्छ भारत मिशन की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा

निरन्तर मानीटरिंग कर लापरवाह पंचायत सचिवों/ग्राम प्रधानों के विरुद्ध कार्यवाही करें - कनक त्रिपाठी,मंडलायुक्त 
आज़मगढ़ 2 फरवरी -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा के दौरान पाया कि काफी संख्या में पंचायत सेक्रेट्री शौचालय निर्माण के द्वितीय किस्त की धनराशि अपने पास रोके पड़े हैं तथा उनके द्वारा धनराशि अवमुक्त नहीं किये जाने से शौचालयों का निर्माण रुका पड़ा है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर असन्तोष व्यक्त करते हुए तीनों जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि तत्काल इसकी मानीटरिंग करें तथा जिनके स्तर पर अधिक धनराशि रोकी गयी है ऐसे पंचायत सचिवों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि, चेतावनी, वेतन रोकने, या निलम्बन की कार्यवाही नहीं बल्कि सीधे उनकी बर्खास्तगी की कार्यवाही की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो भी कार्यवाही की जाय उससे अवगत भी कराना सुनिश्चित करें। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने शनिवार को देर सायं अपने कैम्प कार्यालय पर आयोजित उक्त समीक्षा बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया कि स्वच्छ भारत मिशन, एलओबी प्रथम, एलओबी द्वितीय की जो भी धनराशि अब तक अवशेष है उसका पूरा ब्योरा स्पष्ट कारणों सहित उपलब्ध करायें। इस दौरान आज़मगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला ने अवगत कराया कि कार्यों में शिथिलता, उदासीनता, अनियमितता आदि मिलने पर एडीओ पंचायत पवई के निलम्बत की संस्तुति लगभग तीन माह पूर्व ही उनके द्वारा कर दी गयी थी परन्तु अभी तक उक्त एडीओ पंचायत का निलम्बन नहीं हुआ है। मण्डलायुक्त ने इसपर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उप निदेशक पंचायत को सख्त निर्देश दिया कि उक्त एडीओ पंचायत को तत्काल निलम्बित करें तथा अब निलम्बित नहीं किये जाने के सम्बन्ध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कहा कि मण्डल ओडीएफ घोषित हो चुका है इसके बावजूद जनपदों में पंचायत सचिवों द्वारा धनराशि रोके रखे जाने के कारण काफी संख्या में शौचालयों को निर्माण होना अभी भी अवशेष है। उन्होंने पंचायत सचिवों की कार्य प्रणाली पर भी असन्तोष व्यक्त किया तथा जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी निरन्तर मानीटरिंग करें तथा जो भी दायित्वों के प्रति उदासीन एवं लापरवाह पंचायत सेकेट्री के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्यवाही करें। मण्डलायुक्त ने तीनों जनपद में पर्याप्त संख्या में शौचालयों की जीईओ टैगिंग अवशेष मिलने पर सभी डीपीआरओ को निर्देश दिया कि पंचायत सेक्रेट्री को बुलाकर 4 फरवरी तक अनिवार्य रूप से जीईओ टैगिंग का कार्य पूर्ण कराते हुए अवगत करायें। गांवों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि आज़मगढ़ के 44 गांवों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है चयनित शेष गांवों में शीघ्र ही प्रारम्भ कर दिया जायेगा, जनपद बलिया में 83 गांव में भूमि चयन कर ली गयी है परन्तु कार्य अभी तक प्रारम्भ नहीं हुआ है, जबकि मऊ में भूमि चयन का कार्य प्रगति पर है। जनपद बलिया के कतिपय गांवों में ग्राम प्रधानों की लापरवाही के कारण शौचालय निर्माण का कार्य बाधित होना बताया गया, जिस पर मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालय निर्माण की धनराशि का गबन किया गया है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायें।
इस अवसर पर संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, मुख्य विकास अधिकारी आज़मगढ़ आनन्द कुमार शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी बलिया बद्रीनाथ सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मऊ राम सिंह वर्मा, डीपीआरओ आज़मगढ़, बलिया एवं मऊ क्रमशः श्रीकान्त दर्वे, शशिकान्त पाण्डेय एवं संजय कुमार मिश्र तथा एसबीएम ग्रामीण के मण्डलीय कन्सल्टेण्ट राजू पटेल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।  

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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