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मंडलायुक्त की समीक्षा में कई अधिकारियों को चार्जशीट,प्रतिकूल प्रविष्टि, स्पष्टीकरण व चेतावनी मिली

मण्डलायुक्त ने शौचालयों की धनराशि रोकने वाले एडीओ पंचायत के विरुद्ध कार्यवाही न करने पर डीएम बलिया से तलब किया स्पष्टीकरण

आज़मगढ़ 6 फरवरी -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने गत दिवस प्रदेश के मुख्य सचिव की वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में मण्डल के जनपद बलिया में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय निर्माण की भारी धनराशि अवशेष रहने तथा मुख्यमन्त्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत पोर्टल पर आॅनलाइन आवेदनों के सोपक्ष लाभार्थियों की पात्रता के सत्यापनोपरान्त स्वीकृत कराये जाने की प्रगति अत्यन्त खराब पाये जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए बुधवार को देर सायं अपने कैम्प कार्यालय पर इन दोनों योजनाओं से सम्बन्धित मण्डलीय अधिकारियों के साथ ही जनपद बलिया के जनपदीय एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के साथ विधिवत् समीक्षा किया। समीक्षा के दौरान स्पष्ट हुआ कि बार बार निर्देश दिये जाने के बावजूद बलिया के सभी एडीओ पंचायत द्वारा शौचालय निर्माण की भारी धनराशि अभी भी अनावश्यक रूप से रोके रखी गयी है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जहाॅं सभी एडीओ पंचायत के विरुद्ध चार्जशीट जारी करने का निर्देश दिया वहीं सभी बीडीओ से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने भारी धनराशि रोके रखने वाले एडीओ पंचायत के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किये जाने पर जिलाधिकारी बलिया को भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अधीनस्थों पर प्रभावी निन्त्रण की कमी के कारण डीपीआरओ बलिया को तथा पर्यवेक्षणीय दायित्वों के प्रति उदासीनता बरते जाने पर उप निदेशक पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का भी निर्देश दिया। इसी प्रकार मुख्यमन्त्री कन्या सुमंगला योजना में माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्तर पर लगभग 6800 आवेदन पत्र लम्बित पाये जाने पर उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया को भी चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। पूर्व मंे अवगत कराये जाने के बावजूद बैठक में नवानगर, चिलकहर व मुरलीछपरा के खण्ड विकास अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर इन्हें चेतावनी भी देने का निर्देश दिया।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान कहा कि मण्डल के तीनों जनपद काफी पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुके हैं इसके बावजूद बलिया में सभी एडीओ पंचायत द्वारा इस मद की धनराशि अकारण रोके रखे जाने से स्पष्ट है कि जनपद में बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण होना अभी भी अवशेष हैं तथा पंचायतीराज विभाग के अधिकारी अभी भी उदासीनता बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है तथा भारत सरकार एवं मा0 मुख्यमन्त्री जी के स्तर भी इसकी नियमित समीक्षा की जाती है, परन्तु जनपद स्तर पर प्रभावी मानीटरिंग की कमी के कारण इस मद की बड़ी धनराशि अभी तक लाभार्थियों तक पहुंचना अवशेष है, जिसके कारण इस कार्यक्रम में जहाॅं जनपद बलिया प्रदेश में काफी निचले स्थान पर वहीं मण्डल की रैंकिंग भी प्रभावित हुई है। उन्होंने उप निदेशक पंचायत एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को आगाह किया कि एडीओ पंचायत के पास जो भी धनराशि अवशेष है उसे तुरन्त अवमुक्त कराया जाये, यदि एक सप्ताह में अपेक्षित सुधार नहीं पाया जाता है तो कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति भेज दी जायेगी। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने मुख्यमन्त्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा में पाया कि इस योजना हेतु आॅनलाइन आवेदनों के सत्यापन एवं अपलोडिंग में दो-तीन दिन के अन्दर बेसिक शिक्षा विभाग एवं ब्लाक स्तर पर तो सुधार हुआ है परन्तु जिला विद्यालय निरीक्षक के स्तर पर बड़ी संख्या में आवेदन लम्बित पड़े हैं। इस स्थिति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीआईओएस बलिया को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि पोर्टल पर आॅनलाइन जो भी आवेदन हैं तत्काल उनकी पात्रता का सत्यापन कराकर स्वीकृति हेतु दो दिन के अन्दर अपलोड करा दिया जाये।
इस अवसर पर अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, एडी बेसिक राजेश कुमार आर्य, उप निदेशक महिला कल्याण आंेकारनाथ यादव, बलिया के बीएसए एसएन सिंह, डीपीआरओ शशिकान्त पाण्डेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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