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आजमगढ़:सजा पूरी कर भी पाकिस्तान की जेल में फंसे रियाजुल,क्या मिलेगा बजरंगी भाईजान

उन्हें वापस लाने को नागरिकता सत्यापन के लिए जिला प्रशासन कर रहा है दस्तावेज और जानकारी देने वाले किसी व्यक्ति की तलाश 
आजमगढ़। एकीकृत आजमगढ़ के अदरी (अब मऊ जनपद में) निवासी रियाजुल इस्लाम अंसारी 1990 से पाकिस्तान की जेल में है। जिन आरोपों में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, वर्ष 2018 में ही उसकी सजा पूरी हो चुकी है। अब उन्हें भारत लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल वो कराची के मलीस स्थित जेल में पाकिस्तान की अभिरक्षा में है। उन्हें वापस लाने के लिए नागरिकता सत्यापन के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। अब उसे भी किसी बजरंगी भाईजान की तलाश है। जो उसके बारे में बता सके और कुछ दस्तावेज दे सके।
प्रदेश सरकार की ओर से जिला प्रशासन को भेजी गई जानकारी के अनुसार रियाजुल की उम्र लगभग 56 साल के आसपास है। इनके पिता मोहम्मद हुसैन और दादा का नाम हाजी हफीज बताया जाता है। जिस समय की रियाजुल की गिरफ्तारी दिखाई जा रही है उस समय अदरी आजमगढ़ जनपद का हिस्सा हुआ करता था। बाद में मऊ के जनपद बनने के बाद ये मऊ में शामिल हो गया। अदरी नगर पंचायत भी है। यहां काफी संख्या में मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं और यहाँ लोग पावरलूम आदि के कारोबार से जुड़े हैं। पाकिस्तान उच्चायोग से भेजी गई जानकारी के अनुसार रियाजुल शादीशुदा हैं। इनका एक बच्चा भी बताया जाता है। इनकी एक बहन रोहाना के बारे में भी जिक्र किया गया है। साथ ही ये उन्हें किसी मदारिस या मस्जिद का इमाम भी बताया गया है। जिस समय इन्हें गिरफ्तार किया गया था इन्होंने जैकेट और सलवार पहन रखी थी। ये भी बताया गया है कि इनका स्वास्थ्य ठीक है। ये फुटबाल और कबड्डी खेलना पसंद करते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं खेल पाते हैं। जेल से छूटने के बाद ये अदरी ही जाना चाहते हैं। इन्होंने अपने मामू के रूप में मोहम्मद इरफान का नाम बताया है जो किराना स्टोर चलाते हैं।
नहीं था पासपोर्ट और आईडीआजमगढ़। पाकिस्तान के इस्लामाबाद उच्चायोग से भेजे गए कागजात के मुताबिक रियाजुल के पास कोई पासपोर्ट नहीं था। उनके पास से कोई आईडी भी नहीं मिली थी। उनकी गिरफ्तारी किसी मदीना कालोनी से दिखाई गई है। इससे लगता है कि बीजा और पासपोर्ट के अभाव में उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
परिजनों की ओर से नहीं किया गया संपर्क
आजमगढ़। कागजात के अनुसार रियाजुल को शादीशुदा और एक बच्चे का पिता बताया गया है। कागजात में उनके पिता, दादा, बहन और मामू का भी जिक्र है, लेकिन ये भी बताया गया है कि परिजनों ने उनसे कभी संपर्क भी नहीं किया। इस कारण उनकी रिहाई आदि की पैरवी भी नहीं हो पाई।
कौन बनेगा बजरंगी भाईजानरियाजुल की वापसी के मार्ग तो बने हैं। इस्लामाबाद उच्चायोग से दी गई जानकारी के बाद प्रदेश सरकार के सचिव राजेंद्र तिवारी ने इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। साथ ही रियाजुल की नागरिकता प्रमाणित कर रिपोर्ट मांगी है। अब देखना है कि रियाजुल के लिए कौन बजरंगी भाईजान बनता है और उन्हें अपना बताकर उन्हें यहां लाने की सारथी बनता है।

रिपोर्ट - सौ0  अमर उजाला 
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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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