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आजमगढ: कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान को श्रद्वालुओं का उमडा जन सैलाब,हर हर गंगे के जयघोष से गुंजित हुए धाम

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने पूजन अर्चन कर मेले का लिया आनन्द

दिन भर जारी रहा कड़ाही चढ़ाने, मुंडन व सत्यनारायण व्रत कथा का क्रम

आजमगढ। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्वालुओं का जनसैलाब उमड पडा। इस दौरान श्रद्वालुओं ने स्नान कर हर हर गंगे के जयघोष से धाम गुंजायमान कर दिया । रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसारः राजा जन्मेजय की नाग यज्ञ भूमि अवतिकापुरी धाम आंवक पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को श्रद्वालुओं जनसैलाब उमड पडा। इस दौरान स्नान कर पूजन अर्चन किया साथ ही मेले में जमकर खरीददारी किया। मंगलवार को पौ फटते ही लोग आस्था के सागर में गोते लगायें। क्षेत्र की प्रसिद्व धार्मिक स्थलीय अवतिकापुरी आंवक का कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान मेले का अलग ही महत्व है। हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा से पूर्व यहां के स्नान आवश्यक माना गया है। पाण्डव वंशिय राजा परिक्षित के सर्प दंश के बाद राजा जन्मेजय ने यहा नाग यज्ञ करवाया था। नाग यज्ञ कुण्ड वर्तमान में 84 वीघे का सरोवर है। इसी सरोवर में स्नान होता है। स्नान के बाद श्रद्वालुओं ने मंदिर में स्थित मां दुर्गा,शंकर समेत हनुमान आदि के यहां शीश नवाया।  मंगलवार को भोर से जय  घोष के साथ लोग डूबकी लगाते रहे । स्नान का क्रम देर शाम तक चला। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसारः मंगलवार की भोर 4 बजे का समय बाबा भैरवनाथ के श्रृंगार के बाद आरती के लिए कपाट खुले तो मंन्दिर के बाहर सैकड़ों की तादाद में कतार बद्ध श्रद्धालु हाथ जोड़े आराधना में संलग्न थे। परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी, सजी हुई दुकानें, दुकानों पर छोटे प्रकाश साधनों में बैठे दुकानदार मानो किसी तपस्वी की तरह दुकान संचालन हेतु किसी के आदेश की प्रतीक्षा में हों, इसी बीच घंटों और नगाड़ों की आवाज के बीच प्रारंभ हुई बाबा की आरती की धुन में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो जिस आराध्य का बेसब्री से इंतजार हो रहा था। उनका आगमन हो चुका है और पूरा क्षेत्र बाबा के जयकारों एवं घंटे व नगाड़ों की आवाज भक्तिमय हो उठा। परिसर में प्रसाद की दुकानों पर भीड़ बढ़ती चली जा रही थी। सुबह 8 बजते-बजते दूरदराज से काफी संख्या में श्रद्धालु धाम पर पहुंचकर पवित्र सरोवर में स्नान कर अन्नदान किए कथा परिवार की खुशहाली के लिए मंदिर में मत्था टेका। इस दौरान काफी संख्या में महिलाओं ने बाबा को हलवा पूरी चढ़ाया तथा परिसर में मुंडन व सत्यनारायण व्रत कथा कराने वालों की भी काफी भीड़ रही। स्थानीय थाने की पुलिस लोगों की सुरक्षा व आवागमन के लिए कस्बे के प्रमुख चैराहों वह मंदिर परिसर में मुस्तैद रही किंतु इसके बावजूद भी नगर पंचायत से लेकर धाम तक जाम की स्थिति बनी रही। मेले में महिलाओं और बच्चों ने चटपटे व्यंजनों और मिठाइयों का आनंद लिया। फूलपुर प्रतिनिधि के अनुसारः खुरासन रोड रेलवे से लगभग 6 किलोमीटर दूर उत्तरी छोर पर पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम में कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को तमसा -मंजुषा पवित्र नदी में स्नान करने वालो का आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। संगम में हजारो की संख्या में लोगों नर हर हर गंगे के जयघोष के साथ आस्था की डुबकी लगाई। यहां रात में ही लोगो की जुटान हो गई थी। भोर होते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान लोगो ने संगम में डुबकी लगाकर सुख समृद्धि की कामना की पूर्णिमा पर लगे मेले में काफी भीड़ थी। नदी तट पर तिल छीटने की जगह नही थी। स्नान के बाद लोगो ने जरूरत के हिसाब से खरीददारी की। वहीं कही जगह अव्यवस्थावो के कारण श्रद्धलुओं को थोड़ी बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐतियातन पुलिस फोर्स सक्रिय रही। इस बार काफी संख्या में महिला पुलिस लगाई गई थी। महिलाओ के लिए मीना बाजार में पुरुषो को प्रतिबंधित किया गया था। आसमानी झूला,मौत का कुवां, कला जादू का लोगो ने खूब आंनद उठाया। घाट पर सीओ फूलपुर रविशंकर प्रसाद कोतवाल के.के गुप्ता स्वयं गश्त कर रहे थे। मेला को चार भागो में बंटा गया था।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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