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आज़मगढ़ : मण्डलायुक्त की समीक्षा बैठक में कई अधिकारियों को मिली बैड एंट्री ,चेतावनी

खराब कार्य करने वाले एडीओ पंचायत के विरुद्ध चार्जशीट निर्गत कर बर्खास्तगी की भी कार्यवाही हो : मण्डलायुक्त

आज़मगढ़ 17 अक्टूबर -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठीे ने मण्डलीय समीक्षा बैठक के दौरान कतिपय कार्यक्रमों में खराब प्रगति के कारण गई अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने, कुछ अधिकारियों को चतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया है। उन्होने डिजिटल सिग्नेचर बनवाने एवं स्वच्छ भारत अभियान के तहत खराब परफार्मेन्स देने वाले कई एडीओ पंचायत को विरुद्ध चार्जशीट निर्गत करने के साथ ही आवश्यकतानुसार उनकी बर्खास्तगी की भी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी वृहस्पतिवार को अपने कार्यालय के सभागार में शासन के शीर्ष प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों, काननून व्यवस्था, कर करेत्तर एवं अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा कर रही थीं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि आज़मगढ़ एवं बलिया में एडीओ पंचायत स्तर से बड़ी संख्या में डिजिटल सिग्नेचर बनवाया जाना अब भी अवशेष है। इसमें जनपद आज़मगढ़ के विकास खण्ड पवई, तरवां एवं तहबरपुर में तथा बलिया के विकास खण्ड दुबहड़, रसड़ा एवं मुरली छपरा सबसे अधिक संख्या में डिजिटल सिग्नेचर बनवाया जाना अवशेष हैं। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया जितने भी खराब कार्य करने वाले सहायक विकास अधिकारी पंचायत हैं सबके खिलाफ चार्जशीट निर्गत किया जाय। यह भी अवगत कराया गया कि इस कार्यक्रम में जनपद आज़मगढ़ 63वें एवं बलिया 74वें स्थान पर है। उन्होने खराब उपलब्धि पर डीपीआरओ आज़मगढ़ के विरुद्ध चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया वहीं डीपीआरओ बलिया को निर्देशित किया कि यदि 20 अक्टूबर तक शत प्रतिश कार्य पूर्ण नहीं होता है तो उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाय। इसी प्रकार स्कूला एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर शौचालय निर्माण में आज़मगढ़ में कुल लक्ष्य 2987 के सापेक्ष 245 की ही रिपोर्टिंग की गयी है, जबकि बलिया में भी बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण हो चुके हैं परन्तु कार्यों की फीडिंग नहीं किया जाना पाया गया। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर भी सख्त नराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि फीडिंग के अभाव के कारण रैंकिग में बलिया इस कार्यक्रम में 75वें स्थान पर है। उन्होने दोनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी जिम्मेदारी के साथ एक सप्ताह के अन्दर फीडिंग और रिपोर्टिंग को दुरुस्त करायें।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद आज़मगढ़ में बड़ी संख्या में गावों के लिए प्रथम किस्त निर्गत नहीं की गयी है। इसके अलावा बहुत से गांवों के लिए प्रथम किस्त बहुत पहले निर्गत कर दी गयी है परन्तु द्वितीय किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है, जिसके कारण इस मद में लगभग 24 करोड़ की धनराशि अभी अवशेष है। इस स्थिति पर उन्होने असन्तोष व्यक्त करते हुए डीपीआरओ को सख्त निर्देश दिया कि 24 अक्टूबर से पहले पहले शत प्रतिशत द्वितीय किस्त भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये तथा 26 अक्टूबर तक सभी शौचालय बन जाना चाहिए। मण्डलायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जिन एडीओ पंचायत के स्तर से प्रथम किस्त नहीं दी गयी है तथा दूसरी किस्त जारी करने के अनावश्यक विलम्ब किया गया है उनके खिलाफ भी चार्जशीट निर्गत करने निलम्बन की कार्यवाही की जाय। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान कहा कि आज़मगढ़ नगर में काफी अधिक संख्या में निराश्रित गोवंश सड़कों पर दिखाई देते हैं। उन्होंने नगर पालिका के ईओ को निर्देशित किया उन निराश्रित पशुओं को पकड़वाने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि उनके संरक्षण हेतु स्थान नहीं मिल रहे हैं तो तत्काल जिलाधिकारी से सम्पर्क कर व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पशुओं की मृत्यु होने की दशा में पशु क्रुरता अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से एफआईआर भी दर्ज कराई जाये। जनपद बलिया संस्थागत प्रसव की स्थिति खराब मिलने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि निजी अस्पतालों से विवरण कलेक्ट नहीं किया जा रहा है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर असन्तोष व्यक्त करते हुए निजी अस्पतालों से अनिवार्य रूप से डाटा कलेक्ट करने हेतु निर्देशित किया।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मनरेगा के अन्तर्गत विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए पाया कि मानव दिवस सृजन में राज्य औसत 72 प्रतिशत के सापेक्ष आज़मगढ़ में 75 एवं 62 प्रतिशत मानव दिवस का सृजन किया गया है। इसी प्रकार जनपद बलिया के विकास खण्ड रसड़ा में 37 प्रतिशत, मुरलीछपरा में 34 प्रतिशत, नवानगर में 28 प्रतिशत एवं बेरुआरबारी में 34 प्रतिशत विलम्बित भुगतान है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए इन चारों विकास खण्डों के बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आगामी दिनों में पड़ने वाले त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि इन अवसरों पर असामाजिक तत्वों पर कड़ी नज़र रखी जाये ताकि मण्डल में शान्तपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाया जा सके। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कर करेत्तर की समीक्षा के दौरान सभी अपर जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने अपने जनपद के दस बड़े बकायेदारों तथा उनके विरुद्ध की गयी कार्यवाही का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने वाणिज्य कर, स्टाम्प देय, वाहन कर, आबकारी, विविध देयों आदि की वसूली लक्ष्य से कम पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों को आगाह किया कि शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने का यह अन्तिम अवसर है। यदि आगामी माह तक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं होती है तो सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी आज़मगढ़ नागेन्द्र प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी बलिया भवानी सिंह खंगारौत, पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ डा.त्रिवेणी सिंह, पुलिस अधीक्ष बलिया देवेन्द्रनाथ, अपर आयुक्त (प्रशासन) धर्मेन्द्र सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, सीडीओ आज़मगढ़ आनन्द कुमार शुक्ला, सीडीओ बलिया बद्रीनाथ सिंह, अपर जिलाधिकारी आज़मगढ़ नरेन्द्र सिंह व गुरू प्रसाद गुप्ता, अपर जिलाधिकारी बलिया राम आसरे, एडी हेल्थ डा. एनएल यादव, उप निदेशक पंचायती राज सहित अन्य सम्बन्धित मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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