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स्कूलों की मान्यता में अनियमितता,मान्यता समिति समेत 25 शिक्षा अधिकारियों पर होगी कार्यवाही

मण्डलायुक्त ने व्यक्तिगत प्रबन्धाधिकरण के अधीन संचालित जूनियर हाईस्कूलों को अनियमित ढंग से मान्यता दिये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की भेजी संस्तुति

आज़मगढ़ 16 सितम्बर -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मण्डल के तीनों जनपदों में व्यक्गित प्रबन्धाधिकरण के अधीन संचालित जूनियर हाई स्कूलों की मान्यता की अनियमिति संस्तुति करने एवं मण्डलीय मान्यता समिति द्वारा अनियमित रूप से मान्यता दिये जाने की पुष्टि होने पर तत्समय मण्डलीय मान्यता समिति में सम्मिलित 8 अधिकारियों तथा अपने दायित्वों को सम्यक निर्वहन न करने, तथ्य गोपन करने व बिना स्थलीय निरीक्षण किये विद्यालयों की मान्यता की अनियमित ढंग से संस्तुति करने का उत्तरदायी मानते हुए 25 खण्ड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की संस्तुति शासन को भेज दी है। प्राप्त विवरण के अनुसार मण्डलायुक्त के समक्ष इस आशय की शिकायतें प्राप्त हुई थीं कि वर्ष 2018-19 में व्यक्गित प्रबन्धाधिकरण के अधीन संचालित जूनयर हाई स्कूल की अनियमित ढंग से मान्यता दी गयी है। इसपर उन्होंने गंभरीता दिखाते हुए गत 29 जून को संयुक्त शिक्षा निदेशक को इस प्रकरण में जाॅंच का निर्देश दिया। प्रश्नगत जाॅंच में मान्यता संस्तुतिकर्ता निरीक्षण अधिकारी/सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारी से भिन्न जनपद के खण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से मण्डल के कुल 58 विद्यालयों जिसमें आज़मगढ़ के 28, मऊ के 12 एवं बलिया के 18 विद्यालय सम्मिलित थे, की जाॅंच कराई गयी। जाॅंच में जाॅंच अधिकारी द्वारा सभी विद्यालयों के भवन का माप, संख्या, प्रकार के सम्बन्ध में उपलब्ध कराई गयी रिपोर्ट में तथा पूर्व मंे सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा दी गयी रिपोर्ट में भिन्नता पाई गयी। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि मान्यता संस्तुतिकर्ता निरीक्षण अधिकारियों (सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारियों) द्वारा विद्यालयों के भवन एवं अन्य विवरण के सम्बन्ध में मनमाने ढंग से बिना भौतिक/स्थलीय जाॅंच किया ही संस्तुति के साथ आख्या भेज दी गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि आज़मगढ़ के 4, मऊ के 3 एवं बलिया के 8 विद्यालयों की मान्यता के सम्बन्ध में संस्तुतिकर्ता निरीक्षण अधिकारी द्वारा भवन का माप, संख्या, प्रकार, छत की स्थिति के सम्बन्ध में मान्यता सम्बन्धी आवेदन प्रपत्र पर कोई रिपोर्ट एवं टिप्पणी अंकित नहीं की गयी थी इसके बावजूद मण्डलीय मान्यता समिति द्वारा मान्यता दिये जाने की संस्तुति कर दी गयी है, जो अनियमित है। इसके अलावा भी कई विद्यालयों के मान्यता आवेदन पत्र अपूर्ण होने, निर्धारित मानक से कम कक्ष होने आदि कमियों के बावजूद मान्यता दी गयी है।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि मण्डलीय मान्यता समिति द्वारा विद्यालयों की मान्यता हेतु भवन, भूमि एवं मान्यता की शर्तों को पूर्ण करने का विवरण मण्डलीय समिति की कार्यवाही में अंकित नहीं किया गया है तथा उपलब्ध कराई गयी जाॅंच आख्या के आधार पर ऐसे विद्यालय जो मान्यता की शर्तों को पूर्ण नहीं करते हैं उन विद्यालयों को भी मान्यता दिये जाने का निर्णय लिया गया है, जो त्रुटिपूर्ण है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा द्वारा उपलब्ध कराई गयी आख्या के आधार पर प्रथम दृष्टया मण्डलीय मान्यता समिति में सम्मिलित सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) राजेश कुमार आर्या, तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) योगेन्द्र कुमार सिंह, बीएसए आज़मगढ़ देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी आज़मगढ़ महेन्द्र प्रसाद, बीएसए मऊ ओपी त्रिपाठी, वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी मऊ चन्द्रभूषण पाण्डेय, तत्कालीन बीएसए बलिया सन्तोष कुमार राय एवं वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिया सुभाष गुप्ता द्वारा अनियमित मान्यता दिये जाने की पुष्टि होती है। इसके साथ ही जनपद आज़मगढ़ के अन्तर्गत अतरौलिया के खण्ड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, महराजगंज के विजय प्रकाश, रानी की सराय के अशोक कुमार यादव, अहरौलिया के अशोक कुमार, सठियाॅंव के क्षमाशंकर पाण्डेय, अजमतगढ़ के दीनानाथ साहनी, बिलरियागंज व पल्हना के वंशीधर पाण्डेय, मेंहनगर के सन्तोष कुमार पाण्डेय, हरैया के राजेश कुमार, मुहम्मदपुर व फूलपुर के विश्वजीत कुमार, तरवा व लालगंज के खण्ड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार चैबे, जनपद बलिया अन्तर्गत मुरलीछपरा के खण्ड शिक्षा अधिकारी हेमन्त मिश्रा, सीयर के निर्भय नारायण सिंह, सुहांव के सुनील कुमार, गड़वार के अवधेश कुमार राय, हनुमानगंज व रेवती के ओम प्रकाश दूबे, रसड़ा के प्रभात कुमार श्रीवास्तव, बेलहरी व पन्दह के सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, मनियर के धर्मेन्द्र कुमार एवं बाॅसडीह के खण्ड शिक्षा अधिकारी मोतीचन्द चैरसिया तथा जनपद मऊ के तहत कोपागंज के खण्ड अधिकारी रामप्यारे राम, घोसी के संजीव कुमार सिंह, रानीपुर व नगर क्षेत्र के अशोक कुमार गौतम, रतपुरा के डा.राजेश कुमार चतुर्वेदी एवं मुहम्मदाबाद के खण्ड शिक्षा अधिकारी चन्द्रभूषण पाण्डेय द्वारा भी अपने दायित्वों के सम्यक निर्वहन में लापरवाही व अनियमितता बरतने तथा तथ्य गोपन करने व बिना स्थलीय निरीक्षण किये ही विद्यालय की मान्यता की अनियमित रूप से संस्तुति करने का उत्तरदायी मानते हुए इन सभी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की संस्तुति शासन को भेज दी गयी है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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