उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठने की चेतावन दी गई
आजमगढ़ : श्री दुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंडेश्वर परिसर में महाविद्यालय शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष डा. प्रवेश सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। शिक्षकों ने कार्यवाहक प्राचार्य के कथित दुर्भावनापूर्ण रवैये का विरोध किया गया। संघ के सदस्यों ने महाविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी पूर्व में सौंपी गयी 20 सूत्रीय मांग पूरा न करने पर कार्यवाहक प्राचार्य के खिलाफ 16 अगस्त को वृहद आंदोलन पर जाने की चेतावनी दी है। मांग पत्र के प्रति एकजुटता प्रर्दिशत करते हुए प्रभारी प्राधिकृत नियंत्रक के उपेक्षा पूर्ण रवैये के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। बैठक को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष डा प्रवेश सिंह ने कहाकि यह समझ से परे है कि कार्यवाहक प्राचार्य व प्रभारी प्राधिकृत नियंत्रक शिक्षकों के साथ उपेक्षात्मक रवैया क्यो अपनाते है? मुख्य रूप से मानदेय शिक्षकों का आमेलन उप्र सरकार ने 7 मार्च 2019 को कर दिया जिसकी पुष्टि उच्च न्यायालय ने भी कर दी है। इसके बावजूद 5 माह बीत जाने के बाद भी आज तक नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किया जाना शासन की मंशा व न्यायालय के अवमानना के समान है। सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से प्रभारी प्राधिकृत नियंतत्र व प्राचार्य के इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए जिलाधिकारी महोदय से प्राचार्य को तुरन्त निलम्बित करने की मांग किया। कार्यवाहक प्राचार्य को पूर्व में दिये गये 20 सूत्रीय मांगों को पूरा न करने पर 16 अगस्त 2019 से चाक डाउन हड़ताल करने पर सहमति बनी तथा प्राचार्य डा संतोष सिंह के इस स्वेच्छाचारी रवैये की घोर निदा की गयी। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अविलम्ब सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिला इकाई व विश्व विद्यालय इकाई से भी रचनात्मक सहयोग लेकर उसे आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा। इस अवसर पर महामंत्री डा. इंद्रजीत, सहमंत्री डा. राजीव त्रिपाठी, संरक्षक डा. फूलचन्द्र सिंह एवं डा. मधुबाला राय, डा. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी वीरेन्द्र दूबे, डा. सीवी मौर्य, डा. रामजी वर्मा आदि उपस्थित थे। संचालन महामंत्री डा. अजीत प्रताप सिंह ने किया।
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