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शिबली नेशनल कालेज : विधि विभाग के तत्वाधान पर मानवाधिकार दिवस पर संगोष्ठी हुई आयोजित


सभी धर्माे ने मानवाधिकार पर चर्चा की है, और सभी धर्म इसके प्रति संवेदनशील है एवं मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति के लिये सेवा है - शाह आलम (गुड्डू जमाली),प्रबन्धक,शिब्ली कालेज 

आजमगढ़ : सोमवार को शिबली नेशनल पी0 जी0 कालेज आजमगढ़ के विधि विभाग के तत्वाधान में अन्र्तराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री अबू सालेह अन्सरी ने किया। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रबन्धक श्री शाह आलम (गुडडू जमाली) रहे, संगोष्ठी में कालेज के अध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरूआत हाफिज मो0 हमजा़ के तिलावते कलाम पाक से हुआ, तदुपरान्त विधि विभाग के अध्यक्ष डा0 असद अहमद व डा0 खालिद शमीम एवं प्राचार्य डा0 गयास असद खाॅ ने संयुक्त रूप से अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। गोष्ठी का विषय परिवर्तन करते हुये विधि विभाग के वरिष्ठ प्राघ्यापक डा0 काजी नदीम आलम ने विधि के शासन पर जोर देते हुये विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद डा0 शफीउज्जमा ने अपने विचार रखते हुये कहा कि अधिकार सामाजिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है जिसके बिना व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का विकास नही कर सकता। राज्य का सर्वेात्तम लक्ष्य व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास है, और राज्य द्वारा व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली इन्ही  बाहरी सुविधाओं का नाम ही मानवाधिकार है। डा0 हारिस उमर ने कहा की मानवाधिकार की शुरूआत द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई। डा0 अबू सुफियान ने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला, डा0 असद अहमद ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि हमारे पास पहले से ही प्राकृतिक अधिकार थे एवं हमारे अधिकार के साथ दूसरों का भी अधिकार जुडा है, संगोष्ठी के संयोजक डा0 खालिद शमीम ने कहा कि मानवाधिकार का चार्टर एक महत्वपूर्ण अन्तराष्ट्रिय दस्तावेज है जिसके बिना एक सशक्त एवं समृद्ध समाज की कल्पना करना बेमानी होगी। हम सब को मिल कर समाज को अधिकारों के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक बनाना होगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री शाह आलम जमाली ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि सभी धर्माे ने मानवाधिकार पर चर्चा की है, और सभी धर्म इसके प्रति संवेदनशील है एवं मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति के लिये सेवा है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुये कहा की महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति स्वयं जागरूकता का परिचय देना होगा, तब जाकर एक सशक्त समाज की कल्पना पुष्पित एवं पल्लवित होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री अबू सालेह अन्सारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा की मानवाधिकार को संरक्षित करना ही सामाजिक विकास है तभी हम एक लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करने में सफल होंगे। अन्त में कालेज के प्राचार्य डा0 गयास असद खाॅ ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन देते हुये कहा कि आज के परिवेश में इस तरह के आयोजन की सख्त आवश्यक्ता है विभाग के इस प्रयास को आगे जारी रखने एवं सहयोग देने का संकल्प दोहराया और अतिथियों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की। इस अवसर पर विशेष रूप से विभाग के प्राध्यापक शुक्रल्लाह, कलीम अहमद, मो0 रफी, आरिफ जमाल, एवं विधि विभाग के छात्रों ने भी मानवाधिकार पर अपना विचार रहा। छात्र अबू हासिम ने अपने सम्बोधन में कहा की हमारे देश मे हो रहे किसी तरह के भेद भाव, जुल्म , नाइनसाफी और तमाम तरह के अधिकारो के लड़ाई लड़ने के लिये मानव अधिकार आयोग हमेशा हमारे साथ खडा रहता है। सभा में छात्र पंकज यादव, अमित राय ने भी अपने विचार व्यक्त किये विधिविभाग के छात्र उत्तम गुप्ता ने मानवाधिकार पर एक कविता भी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर महा विद्यालय की प्रबन्ध समीति के उपाध्यक्ष वसीउद्दीन एडवोकेट, मो0 असलम एडवोकेट, मो0 नोमान चार्टर एकाउन्टेन्ट, मिर्जा वसीम बारी (मुनमुन) एव प्राधापक डा0 अलाउद्दीन खाॅ, डा0 जहूरूल आलम, डा0 जफर आलम, डा0 मुनीर आलम, डा0 अफजाल अहमद एवं शाह माजिद जाहिद, मो0 आसिम खा, डा0 फहमीदा जैदी, अली अब्बास अब्बासी, मो0 समीउद्दीन, सइदुरर्हमान, डा0 राही प्रसाद मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने मे कम्प्यूटर विभाग का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन डा0 खालिद शमीम एवं डा0 काजी नदीम आलम ने संयुक्त रूप से किया। 

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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