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पूर्व के सत्याग्रह,आन्दोलन से स्वाधीन भारत ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा स्वीकार किया-पं. अमरनाथ तिवारी

आजमगढ़। लोक मनीषा परिषद के तत्वावधान में हिन्दी दिवस का आयोजन संस्था के संरक्षक पं. अमरनाथ तिवारी के राहुल नगर स्थित आवास पर शुक्रवार को किया गया। जिसकी अध्यक्षता पं. अमरनाथ तिवारी एवं सचालन जनमेजय पाठक ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां भारती के चित्र पर मार्ल्यापण कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पं. अमरनाथ तिवारी ने कहा कि हिन्दी राष्ट्रभाषा का पक्ष पुराना है। पराधीन भारत में इसके महत्व की मांग होती रही। हिन्दी में निष्ठा रखने वाले देश  प्रेमियों ने देश  की एक भाषा हिन्दी को होने के लिए सत्याग्रह और आन्दोलन किए। स्वाधीन भारत ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा होना स्वीकार किया तभी से सरकारी, गैर सरकारी सरकारों व संगठनों ने 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाना प्रारम्भ किए हैं।
परिषद के अध्यक्ष पं. जनमेजय पाठक ने कहा कि यह हिन्दी भाषा ही है जिसके माध्यम से हम भारत देष के वासी आज वैश्विक युग के जीवन में अपने उत्थान, विकास तथा तकनीकि के शिर्ष स्तर पर खडा होने का साहस कर रहे है।
कार्यक्रम को भारत रक्षा दल के निशीथ रंजन तिवारी, भरत वर्मा, पद्माकर द्विवेदी आदि ने भी सम्बोधित किया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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