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आजमगढ़: बटला हाउस इन्काउन्टर का सच सामने लाने को संघर्ष जारी रहेगा- तलहा रशादी



सबका साथ-सबका विकास, सबको न्याय के बिना असंभव - राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल

आजमगढ़: आज 19 सितम्बर को बटला हाउस फर्जी इण्काउन्टर कि अठराहवीं बर्सी के मौके पर इस इण्काउन्टर की न्याययिक जांच की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मजबूत प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिसमें बटला हाउस इण्काउन्टर की न्यायिक जांच की मांग की गयी है को जिलाधिकारी को प्रेषित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल पार्टी के महासचिव तलहा रशादी ने कहाकि बटला हाउस इण्काउन्टर के बाद कांग्रेस सरकार ने अपने कानूनी कर्तव्यों का भी पालन सही से नही किया, हर पुलिस इण्काउन्टर की मजिस्ट्रेट जांच करवाना अनिवार्य है इसके बावजूद बटला हाउस इण्काउन्टर केस में आरम्भ से ही कानून कि धज्जियां उड़ाई गईं, एक बहादुर पुलिस अफसर एवं दो प्रतिभावान छात्रों की जान चली गयी परन्तु न तो कांग्रेस, न भाजपा की केन्द्र सरकार और नाही मुस्लिम वोटों के लिए इस इण्काउन्टर पर सवाल उठाने वाले अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद इस काण्ड की जांच करवाना मुनासिब समझा। आखिर क्या वजह है कि इस इण्काउन्टर की जांच नही करायी जा रही है? अगर इन्काउन्टर सही था तो जांच में भी तो वही सच निकलकर आएगा‘‘। इसका सच सामने आना ही चाहिये क्योंकि ये इण्काउन्टर सिर्फ एक क्षेत्र विशेष के नही बल्कि पूरे देश के मुसलमानों की अस्मिता और देशभक्ति पर सवाल है। भाजपा सरकार भी ‘सबका साथ सबका विकास‘ की बात करती है पर क्या सबका साथ सबका विकास सबको न्याय के बिना संभव है? बटला हाउस फर्जी इण्काउन्टर की न्याययिक जांच की मांग हम तबतक दोहराते रहेंगे जबतक सरकार हमारी मांग को मान नही लेती है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहाकि, ‘‘2008 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के गृह मंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा सरकार की किरकिरी होने से बचाने व मुस्लिम नौजवानो को बलि का बकरा बनाने की नियत से साजिश रच कर 19 सितम्बर, 2008 को दिल्ली के बटला हाऊस में फर्ज़ी मुदभेड़ के दौरान दो बेकसूर मुस्लिम नौजावान आतिफ व साजिद के साथ एक जांबाज़ पुलिस इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतार दिया गया था और अनेक मुस्लिम नौजवानो को इस केस में फंसा कर उनकी जिंदगियां बरबाद कर दी गई। इस फर्ज़ी इण्काउन्टर के खिलाफ राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल ने आज़मगढ़ से लेकर दिल्ली तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और न्याययिक जांच की मांग की थी जो कि आज भी जारी है। इस मांग को ना र्सिफ मुस्लमानो अपितु मुल्क के हर न्याय प्रिय नागरिक की सहमती मिली और हर तरफ से जांच के लिए आवाज़े उठने लगी लेकिन सरकार ने इस इन्काउन्टर की न्याययिक जांच न कराकर लोकतंत्र का गला घोंठ दिया। जिलाध्यक्ष हाजी मतीउल्लाह ने कहाकि कौन्सिल ने बटला हाउस इण्काउन्टर के मुद्दे को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया है और आज भी हमारा संघर्ष अपने समाज के दामन पर लगे उस दाग़ को मिटाने के लिए जारी है और इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा। इस अवसर पर नोमान अहमद पूर्व महाप्रधान, मास्टर तारिक, मो0 आरिफ, जैश अन्सारी, अशरफ, मेराज खान, साकिब फराही, अज़ीम, खालिद अनवर, मो0 फैसल, मिसबाह आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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